Quotessence
Home / Quotes / Quote / Image

Quote image editor Tarang Sinha

Back to previous page

“याद है अब भी वो बचपन की बेफिक्र दुनिया छोटी सी ज़िद और ढेरों खुशियां दौड़ते-भागते, खबर थी क्या कि वक़्त कुछ यूं दौड़ेगा, ज़िन्दगी कुछ यूं मुड़ेगी कि उम्र को पछाड़ तज़ुर्बा आगे, मीलों आगे होगा। अब सोचते हैं जेब में लिए फिरते थे ज़िन्दगी आलम ये है कि अब दिखाई भी नहीं देती।” — Tarang Sinha

Quote 1080 x 1350 Instagram portrait
More
Platforms
Pure ratios
याद है अब भी वो बचपन की बेफिक्र दुनिया छोटी सी ज़िद और ढेरों खुशियां दौड़ते-भागते, खबर थी क्या कि वक़्त कुछ यूं दौड़ेगा, ज़िन्दगी कुछ यूं मुड़ेगी कि उम्र को पछाड़ तज़ुर्बा आगे, मीलों आगे होगा। अब सोचते हैं जेब में लिए फिरते थे ज़िन्दगी आलम ये है कि अब दिखाई भी नहीं देती।
— Tarang Sinha