Quotessence
Home / Quotes / Quote by Anu mehta

Quote by Anu mehta

“कहते है ना! दोस्ती कभी स्पेशल लोगो से नही होती, दोस्ती जिनसे हो जाती है वह लोग ही स्पेशल हो जाते है। जब हम सहेलियां जब मिलती हैं... तो हमारी मुस्कान और हंसी सातवे आसमान पे होती है, हमारी की मुस्कुराहट हमारी सारी चिंताओं को कुछ पलों के लिए दूर कर देती है. जैसे एक आशिक़ के लिए उसके महबूब की मुस्कान क्या होती है इसका एहसास तो सिर्फ उन दोनों को ही होता है. वैसे ये हमारी मुस्कान और हमारी बातें झरने के सामान होती है, आंखें अनकहे राज़ सुनाती है, दीवारें धीमे-धीमे गुनगुनाती हैं जब हम सहेलियां जब मिलती हैं तो हमारी मुस्कान और हंसी सातवे आसमान पे होती है रूठना- मनाना, कभी होता नहीं क्योंकि रूठने या फिर नाराज़ हो जाने वाली कोई ऐसी बात नहीं होती, होती है तो बस एक ही बात होती है हमारी हंसी सातवे आसमान पे होती है जब हम सहेलियां जब मिलती हैं…….. दीवारें भी खामोशियां तब बुनती हैं और हवा भी चुप-सी तब गुज़रती है जब हम सहेलिया Office नहीं आती है, जब हम सहेलियां Office आती है तो हमारी हंसी सातवे आसमान पे होती है ये हमारी दोस्ती पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं, ये तो जिंदगी भर की यारी है दूर हो या पास ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाना, हम सहेलियां जब मिलती हैं...................... तो हमारी हंसी सातवे आसमान पे होती है हम सहेलियां एक गुलाब के पौधे के जैसे है जो हर कोई तोडना चाहता पर हम सहेलियां गुलाब के पौधे को बचाने के लिए काँटों का रूप लेती है हम सहेलियां जब मिलती हैं... ……… तो हमारी हंसी सातवे आसमान पे होती है एक बात हमेशा याद रखना दोस्तों ढूंढने पर वही मिलेंगे जो खो गए थे, वो कभी नहीं मिलेंगे जो बदल गए है. ... हमारी दोस्ती वो नहीं जो धोखा दे, हमारी दोस्ती वो खुदा का अनमोल तोहफा, जिस के कंधे सर रखकर रो सके और दुख में भी हंसा दे…. हमारी दोस्ती वो जो अपने दोस्त से गलत काम ना करवाएं, ना करने दे ऐसी दोस्ती को लाखों सलाम… दोस्तों Poem आपको कैसी लगी, अगर अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूलें और अगर आपका कोई सवाल है चाहो तो हमें कमेंट करके बताएं। Anu Mehta”

Quote by Anu mehta

Author

Anu mehta

Browse famous quotes and profile details for Anu mehta. more

You May Also Like

“As another year went by And a new year came to greet us I got up in the morning to take my class And in the afternoon, while sauntering down the road I saw a hairdresser's place inviting me in And so I met the hairdresser A fine young lad, and I told him to get my hair and beard trimmed if he may please But for some reason I decided to keep the moustache without any trims Life makes us poets, with a love for poetry.”