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“मेडिकल कॉलेज में जाना आसान नहीं होता है, किस्मत अच्छी हो तो एक साल कोचिंग करते ही मेडिकल कॉलेज के दर्शन हो जाते है। वरना लगे रहो साल दर साल। उसमे भी दो से चार साल तो मान के चलो। कहानी कुछ इसी आधार पर है, गांव से निकल कर एक लड़का शहर आता है, एक सपना लेकर, डॉक्टर बनने का। नया जोश, नई ऊर्जा के साथ कोचिंग लाइफ में घुस तो जाता है परंतु धीरे धीरे वो उस कोचिंग रफी अंधेरी दुनिया में खोता जाता है। और फिर जो सपना से कुछ बनने का देखा था अब उसी सपने से डर लगने लगता है और कब वो सपना नाइटमेयर में बदल जाता है वो भी नहीं समझ पाता है। लेकिन हां..! रात कितनी भी डरावनी क्यों न हो, सूरज की किरणों के साथ एक मनमोहक सुबह का आगाज़ तो होगा ही। उसी सूरज की किरणों के आगमन की कहानी जरूर पड़े, नाइटमेयर के साथ।” — Mala Modi
मेडिकल कॉलेज में जाना आसान नहीं होता है, किस्मत अच्छी हो तो एक साल कोचिंग करते ही मेडिकल कॉलेज के दर्शन हो जाते है। वरना लगे रहो साल दर साल। उसमे भी दो से चार साल तो मान के चलो। कहानी कुछ इसी आधार पर है, गांव से निकल कर एक लड़का शहर आता है, एक सपना लेकर, डॉक्टर बनने का। नया जोश, नई ऊर्जा के साथ कोचिंग लाइफ में घुस तो जाता है परंतु धीरे धीरे वो उस कोचिंग रफी अंधेरी दुनिया में खोता जाता है। और फिर जो सपना से कुछ बनने का देखा था अब उसी सपने से डर लगने लगता है और कब वो सपना नाइटमेयर में बदल जाता है वो भी नहीं समझ पाता है। लेकिन हां..! रात कितनी भी डरावनी क्यों न हो, सूरज की किरणों के साथ एक मनमोहक सुबह का आगाज़ तो होगा ही। उसी सूरज की किरणों के आगमन की कहानी जरूर पड़े, नाइटमेयर के साथ।