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गुनाहों का देवता

Book by Dharamvir Bharati · 4 quotes · Pain, Sad, Female Thoughts

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गुनाहों का देवता Quotes

“वह स्तब्ध! जैसे पत्थर बन गयी हो। आँख में आँसू जम गये। पलकों में निगाहें जम गयीं। होठों में आवाजें जम गयीं और सीने में सिसकियाँ जम गयीं।”