“एक घर, मजबूती से जब बुना, रीति रिवाज़ों से बनाई दीवार। बचपन और बड़पन की यादें जुड़ी, ख्वाबों से भरी थी वो नयी उड़ान। उसूलों का साथ, मजबूती से जो ठाना, टूटे बिखरे पर रुके नहीं हम। राहों में रौशनी फैलते, आगे बढ़े, फिर से जीवन की हुई नयी शुरुवात। एक मजबूत नींव पर ये देखो खड़ा, नया यह घर हमारा।” Inspirational Attitude Author:Mr. Vipul Dhuwad