“राम राखे, ऐसे रहिये जी, जीवन में खुशियाँ भर लिये जी। कोई दिन हलवा, कोई दिन सूखी रोटी, कोई मेवा मिठाई, कोई दिन भूखे सोइये जी। दुःख की घड़ियों में भी मुस्कुराइए जी, साथ निभाते रहें, दोस्त बनाइए जी। कदम कदम पर, प्रगति करिए जी, मंज़िल को पाकर, न ठहरिए जी। सच्चाई और प्यार से जीवन सजाइए जी, राम राखे, जैसे राखें, ऐसे रहिये जी।” Inspirational Attitude Author:Vipul Dhuwad