“रात हो चली है और बारिश का साथ है, इस रात में मुझे इश्क़ की कोई सज़ा दे दो। मुझे अपने करीब ले आकर बाहों में भर लो, और मुझे नींद ना आने की कोई वजह दे दो॥”
“रात हो चली है और बारिश का साथ है, इस रात में मुझे इश्क़ की कोई सज़ा दे दो। मुझे अपने करीब ले आकर बाहों में भर लो, और मुझे नींद ना आने की कोई वजह दे दो॥”