“जो कभी लिख ना सका, वो अधूरी किताब हो तुम। और जो कभी पूरा ना हो सका, वो अधूरा ख्वाब हो तुम॥”
Rehan Katrawale Poetry Quotes
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Rehan Katrawale Poetry Quotes
“ज़िंदगी बहुत छोटी है, हर लम्हे को जिया करो। अल्फ़ाज़ों का तक़ाज़ा है, बातें आँखों से किया करो॥”
“समंदर की ज़रूरत नहीं इन आशिकों को, ये तो आँखों में भी डूब जाया करते हैं॥”
“तुझे कुछ ना कहना अब कुछ कहने से बेहतर है, तेरा मेरी ज़िंदगी में ना रहना तेरे रहने से बेहतर है॥”
“हम भी जो रूठ गए आपसे तो मनाने कौन आएगा, रुलाने तो सब आएंगे, हँसाने कौन आएगा॥”
“ज़ख़्मों पर मरहम लग चुका था, फिर भी दर्द होता रहा। तुम्हारी याद आती रही, मौसम सर्द होता रहा॥”
“कसूर दिन का था, इल्ज़ाम रात पर आया है। गैरों से क्या शिकायत करना, दिल जब अपनों ने दुखाया है॥”
“आज बरसात नहीं हुई, तुमसे बात नहीं हुई। तुम तो गहरी नींद में सो गए, हमारे यहाँ रात नहीं हुई॥”
“नाकाम ही सही पर कोशिश तो करी थी हमने, झूठी ही सही पर मोहब्बत तो करी थी उन्होने॥”