Quote image editor
“ज़ख़्मों पर मरहम लग चुका था, फिर भी दर्द होता रहा। तुम्हारी याद आती रही, मौसम सर्द होता रहा॥” — Rehan Katrawale
ज़ख़्मों पर मरहम लग चुका था,
फिर भी दर्द होता रहा।
तुम्हारी याद आती रही,
मौसम सर्द होता रहा॥
“ज़ख़्मों पर मरहम लग चुका था, फिर भी दर्द होता रहा। तुम्हारी याद आती रही, मौसम सर्द होता रहा॥” — Rehan Katrawale