Quotessence
Home / Quotes / Quote by Kuldeep Gera

Quote by Kuldeep Gera

Author

Kuldeep Gera

Browse famous quotes and profile details for Kuldeep Gera. more

You May Also Like

“त्रिलोकपति महादेव के ध्यान मात्र से पवित्र हो उठे अंतरमन, सच भाग्यशाली है नाग वासुकी जो विराजमान है उनकी ग्रीवा पर, भाग्यवान है चंद्र जो सुशोभित है उनके मस्तक पर, परंतु इनसे भी अधिक खुशकिस्मत है गंगा जो बहती है उनके घने केशों से”

“शिव का अभिन्न अंग हैं नंदी, शिव भक्त उन्हीं के कान में लगाएं अपनी अर्जी। जहां शिव वहां नंदी नंदी बिन शिव भक्ति अधूरी। नंदी का ही तो दूसरा नाम है समर्पण व आस्था, एवं शरणागत पर प्रेम व दया का नाम हैं नंदी नाथ।”

“अर्धनारीश्वर का रूप ले, शिव शक्ति ने दिया संदेश, नर नारी के प्रेम, सुख दुख में भागीदारी का. एक शरीर के दो अंग वो, एक सत्य के दो रूप वो, एक साथ ही उनका अस्तित्व, है मुमकिन. बिन एक के, अधूरा है दूसरा.”