“बूढ़ों के लिए अतीत के सुखों, वर्तमान के दुःखों और भविष्य के सर्वनाश से ज्यादा मनोरंजक और कोई प्रसंग नहीं होता।” GodaanGodanMunshi Premchandग द नप र मच दम श प र मचन द Book:गोदान [Godaan] Source: गोदान [Godaan]
“जो व्यक्ति कर्म और वचन में सामंजस्य नहीं रख सकता, वह और चाहे जो कुछ हो, सिद्धांतवादी नहीं है।” GodaanGodanMunshi PremchandPremchandMunshi Book:Godan Source: Godan
“प्रेम अधिकार करना चाहता है, जो कुछ देता है, उसके बदले में कुछ चाहता भी है। श्रद्धा का चरम आनंद अपना समर्पण है, जिसमें अहमन्यता का ध्वंस हो जाता है।” GodaanGodanMunshi PremchandPremchandMunshi Book:Godan Source: Godan