Quotessence
Home / Topics / Tantra Philosophy Quotes

Tantra Philosophy Quotes

Browse 1 quotes about Tantra Philosophy.

Tantra Philosophy Quotes

“प्रवरा रूपी शक्ति आज कल्याण रूपी शिव को ढूँढ रही थी, जिसके संग से पूर्ण अर्द्धनारीश्वर सा चमत्कार प्रकट होने वाला था। वही अर्द्धनारीश्वर तत्त्व जिसके पूर्ण अभाव से पुरुष एक शक्तिशाली यंत्र मात्र बन जाता है और स्त्री मात्र एक सजीली वस्तु, पौरुष मात्र अहंकार बन जाता है और स्त्रीत्व मात्र प्रदर्शन। एक मानवीय स्वतंत्रता का दमन करने लगता है तथा दूसरे की स्वतंत्रता स्वच्छंदता में परिवर्तित होने लगती है। इसी तत्व के अभाव में रावण और सूर्पनखा का जन्म होता है। ये दोनों असंतुलित ऊर्जाएँ उन्मुक्ततता का रूप ले लेतीं हैं तथा इसके भी चरम से चमत्कार प्रकट होता है, विनाशकारी चमत्कार- शिव का प्रलयंकारी तांडव।”