“मन बहुत सोचता है कि उदास न हो पर उदासी के बिना कैसे रहा जाए ? शहर के, दूर के तनाव-दबाव कोई सह भी ले पर यह अपने ही रचे एकांत का दबाव सहा कैसे जाए !” Sadness Book:शेखर: एक जीवनी - 2 Source: शेखर: एक जीवनी - 2