“हे सारथे ! हैं द्रोण क्या, देवेन्द्र भी आकर अड़े, है खेल क्षत्रिय बालकों का व्यूह-भेदन कर लड़े। श्रीराम के हयमेध से अपमान अपना मान के, मख अश्व जब लव और कुश ने जय किया रण ठान के।।” CourageWarriorsMahabharata Book:जयद्रथ वध Source: जयद्रथ वध
“जिस पर हृदय का प्रेम होता सत्य और समग्र है, उसके लिए चिन्तित तथा रहता सदा वह व्यग्र है।” LoveCareTrue Love Book:जयद्रथ वध Source: जयद्रथ वध