“कलाकार हूँ, और कला भी लेखिका हूँ, और लेख भी कवि हूँ, और कविता भी सफर हूँ, और मंज़िल भी जीवन हूँ, और मृत्यु भी औरत हूँ जनाब, अगर गलती हूँ, तो यथार्थ भी। - ऋधि (Ridhi)” LifePhilosophyDeathWomenPoetPoemWriterPoems On LifeZindagiJeevan Author:- ऋधि (Ridhi)
“थोड़ी सी खुश मैं हूं मैं, थोड़ा डर भी है लम्होन से भरा सफर भी है उलझन में हूं; जो देख रही हूं वो पहले देखा नहीं. जो भी है, नया सा है; यह महसूस कभी किया नहीं खुश तो हूं पर गम की हमें फिकर भी है” MomentsPoemMoments Of LifeHindi PoemNew Experience Author:- ऋधि (Ridhi)