“थोड़ी सी खुश मैं हूं मैं, थोड़ा डर भी है लम्होन से भरा सफर भी है उलझन में हूं; जो देख रही हूं वो पहले देखा नहीं. जो भी है, नया सा है; यह महसूस कभी किया नहीं खुश तो हूं पर गम की हमें फिकर भी है” MomentsPoemMoments Of LifeHindi PoemNew Experience Author:- ऋधि (Ridhi)