“मैं हर इक पल का शाइ'र हूँ हर इक पल मिरी कहानी है हर इक पल मेरी हस्ती है हर इक पल मिरी जवानी है रिश्तों का रूप बदलता है बुनियादें ख़त्म नहीं होतीं ख़्वाबों की और उमंगों की मीआदें ख़त्म नहीं होतीं हर फूल में तेरा रूप बसा हर फूल में तेरी जवानी है इक चेहरा तेरी निशानी है इक चेहरा मेरी निशानी है तुम को मुझ को जीवन-अमृत इन हाथों से ही पीना है इन की धड़कन में बसना है इन के साँसों में जीना है तू अपनी अदाएँ बख़्श इन्हें मैं अपनी वफ़ाएँ देता हूँ जो अपने लिए सोची थी कभी वो सारी दुआएँ देता हूँ” OptimismEternal LoveLife Afirming Change Book:Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر Source: Kuliyat e Sahir / کلیات ساحر