“विविधता ही इस जीवन की देह है। परस्पर विरोधी बातें ही उसकी आत्मा हैं। जीवन का रस उसका आनंद उसका सम्मोहन उसकी आत्मा...इसी विविधता में है, विरोध में है।” Life PhilosophyHindiSharmishtha Book:Yayati: A Classic Tale of Lust Source: Yayati: A Classic Tale of Lust
“मानव जीवन में आत्मा रथी, शरीर रथ, बुद्धि सारथी और मन लगाम है। विविध इंद्रियाँ घोड़े हैं। उपभोग के सभी विषय उसके रास्ते हैं और इंद्रियाँ और मन से युक्त आत्मा उसका भोक्ता है।” Life PhilosophyHindiHindu PhilosophyKach Book:Yayati: A Classic Tale of Lust Source: Yayati: A Classic Tale of Lust