“कितनी दिलकश हैं ये बारिश की फुवारें लेकिन ऐसी बारिश में मिरी जान भी जा सकती है”
Quote by TRIPURARI
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“मैं अपने दरमियाँ से हट चुका हूँ तो फिर क्या दरमियाँ रक्खा हुआ है”
“मैं तिरे जिस्म के जब पार निकल जाऊँगा वस्ल की रात बड़ी ग़ौर-तलब होगी वो”
“प्यास ऐसी थी कि मैं सारा समुंदर पी गया पर मिरे होंटों के ये दोनों किनारे जल गए”
“क़त्ल करना है नए ख़्वाब का सो डरता हूँ काँप जाएँ न मिरे हाथ ये ख़ूँ करते हुए”
“रूह है तर्जुमा पानियों का अगर जिस्म या'नी समुंदर में इक नाव है”
“Poetry is one last hiccup; born on the lips of a dying poet.”
“What is poetry? The person who answers it, can't be a poet!”
“Poetry is that ointment, which I rub every day on my injury.”