“Hindi Poem on Motherhood- माँ सिर्फ शब्द नहीं कोई आखो में ममता का सागर बातो म जीवन कहानी है माँ सिर्फ शब्द नहीं कोई माँ तो धरती की जिंदगानी है रहकर माँ के करीब भर जाता हर एक घाव है ज़न्नत के हर सुख से सुंदर माँ के आचल की छांव है पूछो माँ से राहे कामयाबी की हर राह उसकी जानी पहचानी है आखो में ममता का सागर बातो में जीवन कहानी है माँ ही है जो धरती पर जीवन निर्माण करती है सहते सहते हर दुःख को ना जाने कितनी बार जीती मरती है हर फरिश्ते से माँ होती है बड़ी माँ तो कोई चमत्कार रूहानी है आखो में ममता का सागर बातो में जीवन कहानी है माँ सबसे ऊपर विराजित माँ से जग में, नहीं कोई बड़ा माँ है सब से अद्भुत ताजमहल माँ है मुकुट कोई,कोहिनूर जड़ा कुछ न मांगे रब से, खुद की खातिर माँ तो सिर्फ औलाद के सुख की दीवानी है आखो में ममता का सागर बातो में जीवन कहानी है जो महकाता घर के हर कोने को माँ वो सुगन्धित इत्र है बेहिचक बता सकते जिसे सारे राज माँ वो शानदार मित्र है माँ का नाम ही सहजता, सुलभता माँ का नाम ही आसानी है आखो में ममता का सागर बातो में जीवन कहानी है माँ सिर्फ शब्द नहीं कोई माँ तो धरती की जिंदगानी है”
Quote by नीरज बंसल
Author
You May Also Like
Source: The God of Small Things
“Now, don’t play stupid. You knew this was coming. You’ve seen it enough times.”
Source: To Those Who Were Our First Gods
Source: Collected Poems
“Ars Longa Which is crueller Vita Brevis life or art?”
Source: Collected Poems
Source: Collected Poems
Source: Carolina Clay: A Collection of Poems on Love and Loss
“imagine being someplace you know so well but are lost and don’t have any idea how to get out”