“जीवन में हर सांस में ‘हे ईश्वर मेरी इच्छा पूर्ण हो” कहने की बजाये “हे ईश्वर आपकी इच्छा पूर्ण हो” कहना ही हमारे लिये सर्वश्रेष्ठ प्रार्थना है। अधिकांश लोग ईश्वर को मानने का ढोंग तो करते हैं मगर दुर्योधन की तरह अपने कृत्यों को करते हुए उनके होने को भूल जाते हैं। दुर्योधन की तरह श्री हरि की उपेक्षा करके कोई कैसे इस जीवन संग्राम को जीत सकता है? क्या ये बात समझना बहुत मुश्किल है? केवल धार्मिक और नीतिगत कार्यों में संलग्न रहने वाले ही उनके दिव्य विराट चतुर्भुज रूप के दर्शन कर पाते हैं, जीवन यात्रा सफल कर उनके पावन अंक में स्थान पाते हैं। जो भी करें वो उनके भक्त या उनके आश्रित अर्जुन के रूप में करें। ईश्वर स्वंय आपके सारथी बन जाएंगे। प्रभु से प्रार्थना है कि आप शतायु हों, सदा स्वस्थ रहे और ऊर्जावान बने रहें तथा आपका हर दिन प्रसन्नता से भरा रहे। मंगल शुभकामनाएँ।” GodPrayerHindiRajesh GoyalIshwarप र र थन Author:Rajesh Goyal