“जिसके हाथ में बल नहीं, उसका अधिकार ही कैसा?और यदि मांगकर मिल भी जाय, तो शांति की रक्षा कौन करेगा?” PeaceRightsLife PhilosophyBraveHindi Book:स्कंदगुप्त Source: स्कंदगुप्त