“देवि, जीवन विश्व की सम्पत्ति है। प्रमाद से, क्षणिक आवेश से, या दुःख की कठिनाइयों से उसे नष्ट करना ठीक तो नहीं।” InspirationalLife PhilosophyHindiSuicide Prevention Book:ध्रुवस्वामिनी Source: ध्रुवस्वामिनी
“जिसके हाथ में बल नहीं, उसका अधिकार ही कैसा?और यदि मांगकर मिल भी जाय, तो शांति की रक्षा कौन करेगा?” PeaceRightsLife PhilosophyBraveHindi Book:स्कंदगुप्त Source: स्कंदगुप्त