“हर सुर असुर मानव ने पाए दो नेत्र, देखने समझने को ये रोचक जग, जिसमें है छुपा छलावा हर पग, किन्तु जो देख न पाए कोई देखे उसे त्रिनेत्र।” ShivaShiva QuoteShiva Sati Love Book:शिवाय Source: शिवाय