“त्रिलोकपति महादेव के ध्यान मात्र से पवित्र हो उठे अंतरमन, सच भाग्यशाली है नाग वासुकी जो विराजमान है उनकी ग्रीवा पर, भाग्यवान है चंद्र जो सुशोभित है उनके मस्तक पर, परंतु इनसे भी अधिक खुशकिस्मत है गंगा जो बहती है उनके घने केशों से” ShivaShiva QuoteShankara Book:शिवाय Source: शिवाय
“शिव का अभिन्न अंग हैं नंदी, शिव भक्त उन्हीं के कान में लगाएं अपनी अर्जी। जहां शिव वहां नंदी नंदी बिन शिव भक्ति अधूरी। नंदी का ही तो दूसरा नाम है समर्पण व आस्था, एवं शरणागत पर प्रेम व दया का नाम हैं नंदी नाथ।” ShivaShiva QuoteShankara Book:शिवाय Source: शिवाय