Quotessence
Home / Books / मसाला चाय

मसाला चाय

Book by Divya Prakash Dubey · 21 quotes · Philosophy, Hindi Short Story, Life Lesson

Filter quotes by topic

मसाला चाय Quotes

“ये जो and please be honest हैं न ये बार बार इसलिए बोला जाता है ताकि गलती से अगर बंदा बातों में आकार भूल गया है कि उसको सब सच बोलना है तो वो एक बार सोच ले और वही बोले जो इंटरव्यू crack करने के लिए ठीक हो । वरना ज़्यादा honest होने के जो भी फ़ायदे नुकसान हैं वो किसी से दुनिया में छुपे थोड़े हैं।”

“एक उम्र होती है जब क्लास की खिड़की से बाहर आसमान दूर कहीं जमीन से मिल रहा होता है और हमें लगता है कि शाम को खेलते-खेलते हम ये दूरी हम तय कर लेंगे। दूरी तय करते-करते जिस दिन हमें पता चलता है कि ये दूरी तय नहीं हो सकती, उसी दिन हम बड़े हो जाते हैं”

“भगवान कसम खाने से क्या होता है?” “सबसे safe भगवान कसम ही होती है यार।” “क्यूँ?” “क्यूँकि भगवान कभी मरता नहीं।” “झूठी कसम से भी नहीं।” “अबे नहीं यार, यही तो खास बात है भगवान की। मरता नहीं न। इसीलिए सब भगवान की झूठी कसम तुरंत खा लेते हैं तुझे भी कभी झूठी कसम खानी पड़े तो भगवान की खा लेना।”

“जो भी प्यार पूरे नहीं हो पाते उनको चक्कर ही बोला जाता है न, प्यार पूरे होने का केवल और केवल इतना मतलब है कि आपने जिस लड़की को I love you बोला था उसके घर आप बैंड बाजे के साथ पहुँच पाये। आगे शादी चले न चले उससे प्यार के पूरे और अधूरेपन पर कोई असर नहीं पड़ता”

“उसको अरैंज मैरेज में यही एक चीज़ खराब लगती थी कि जिस बंदी के साथ पूरी उम्र काटनी है उसको सही से जान-समझ नहीं पाते हैं। सही से जानना समझना क्या होता है ये उसे सही से पता नहीं था”

“जिसने मेरी बॉल ली हो वो चोर। उसका पूरा खानदान चोर। उसका बाप चोर। उसकी माँ चोर। उसके दादा चोर। उसकी दादी चोर। उसके नाना चोर। उसकी नानी चोर। सब चोर”

“क्लास के अच्छे लड़के वैसे भी लड़ाई-झगड़े में पड़ते नहीं। उनके लिए अच्छाई का एक ही मतलब होता है exam में अच्छे नंबर। उनके लिए कोई भी ऐसी चीज जिससे नंबर अच्छे नहीं होते, वो चीजें गंदी होती हैं”

“पापा शुरू से टॉपर रहे थे। इसलिए कभी समझ नहीं पाए थे कि टॉपर के अलावा बाकी लोग दुनिया में ज़िंदा कैसे रहते हैं। उनकी नौकरी कहाँ लगती है, वो खाते कैसे हैं और अपना घर कैसे चलाते हैं।”

“कभी भी ये देखना हो कि सरकारी अधिकारी अच्छा है या खराब तो बस उठा के ये देख लो कि उसकी पिछली कुछ postings कहाँ-कहाँ हुई हैं। अगर पिछले 5-10 साल में उसकी posting केवल अच्छी जगहों पर हुई है तो वो अधिकारी, अच्छा अधिकारी कम अच्छा मैनेजर ज़्यादा होता है। और अगर पोस्टिंग खराब जगहों पर हुई है तो वो अधिकारी अच्छा अधिकारी होता है, जो अपनी posting manage नहीं कर पाता।”

“वैसे भी सही-गलत, सच और झूठ के पचड़े में पड़ने की बजाए जिंदगी को जीना जरूरी है। वो लोग अक्सर जी नहीं पाते जो सही-गलत के चक्कर में पड़े रहते हैं। कई सच जिनके साथ जिंदगी शुरू होती है वो कहीं आधे रास्ते में ही झूठ हो जाते हैं। हमारी जान-बूझकर की गई गलतियाँ कितनी अच्छी होती हैं, ये वही जान सकता है जिसने गलतियाँ की हों। जिंदगी में सबसे बुरा उन बेचारों के साथ होता है जो हर चीज सही और गलत के तराज़ू में तौलते-तौलते कभी कोई गलती नहीं कर पाते”