“ऐ सुनो न, महादुष्ट और चोट्टेकुमार, मुझे एक चिट्ठी लिखो न! हे आलसावतार, तुमसे कोढ़ी भी लजा जाए. हमरा एतना चिट्ठी पढ़े हो बैठ के जाड़ा में, चूल्हा में पकाया अल्लू खाते हुए. भुक्खड़ रे, ई सब से ऊपर उठ के एक ठो हमको चिट्ठी लिखो न. ऐसे कईसे चलेगा, खाली कोहरा पी के जिए आदमी, बतलाओ, ठंढा का दिन आया, हाथ गोड़ अकड़ रहा है. ए गो तुमरा चिट्ठी आता तो हम भी न बैठ के अलाव तापते हुए पढ़ते. बचवन सब को बतलाते ई हमार चोट्टा दोस्त है. तुम लोग अगर बेसी सुधरे हुए निकल गए कहीं गलती से तो तुम सबको इसी के पास भेज देंगे, चोट्टागिरी का ट्यूशन लगाने.” LoveFriendshipHindiBiharHindi Short Story Book:Teen Roz Ishq Source: Teen Roz Ishq