“एक तस्वीर बनाई है ख़यालों ने अभी और तस्वीर से इक शख़्स निकल आया है”
Quote by TRIPURARI
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“जिन से मिलना न हुआ उन से बिछड़ कर रोए हम तो आँखों की हर इक हद से गुज़र कर रोए”
“जिसे तुम ढूँडती रहती हो मुझ में वो लड़का जाने कब का मर चुका है”
“किसी पर भी यक़ीं कर लेते हो तुम तुम्हारे साथ क्या धोका हुआ है”
“कितनी दिलकश हैं ये बारिश की फुवारें लेकिन ऐसी बारिश में मिरी जान भी जा सकती है”
“मैं अपने दरमियाँ से हट चुका हूँ तो फिर क्या दरमियाँ रक्खा हुआ है”
“मैं तिरे जिस्म के जब पार निकल जाऊँगा वस्ल की रात बड़ी ग़ौर-तलब होगी वो”
“प्यास ऐसी थी कि मैं सारा समुंदर पी गया पर मिरे होंटों के ये दोनों किनारे जल गए”
“क़त्ल करना है नए ख़्वाब का सो डरता हूँ काँप जाएँ न मिरे हाथ ये ख़ूँ करते हुए”