“जब उदास लम्हों की रंगीन तितलियाँ मेरी आँखों में रक़्स करती हैं, तो सीने की वीरानी में अफ़्सानों का एक जंगल उगने लगता है।”
Quote by त्रिपुरारि
Author
You May Also Like
Source: North Campus
“अकेलापन दुनिया के कई सच में से एक ऐसा सच है जिसे हर कोई ज़िंदगी भर झुठलाने की कोशिश करता है।”
Source: North Campus
“मैं जब भी तुम्हारे पास होती हूँ, तो लगता है कि मैं जिस्म से आज़ाद हो चुकी हूँ।”
Source: North Campus
“अफ़्साना हो जाना ही अफ़्साना लिखने का सबसे बेहतर ढंग है।”
Source: North Campus
“मुझे लगता है कि हर अफ़्साना अपने आप में एक तवील नज़्म है और हर नज़्म, एक मुख़्तसर अफ़्साना है।”
Source: North Campus
“जब दुख भीतर हो, तो बाहर की हर चीज़ दुखी ही नज़र आती है।”
Source: North Campus
Source: Inner Powers
Source: North Campus
“माँ मिरी बे-वजह ही रोती है फ़ोन पर जब भी बात होती है फ़ोन रखने पे मैं भी रोता हूँ”
Source: Saans Ke Sikke: 99 Triveniyon Ka Sangrah
Source: Saans Ke Sikke: 99 Triveniyon Ka Sangrah