“आओ कुछ नए अंदाज़ मे ईद मनाएँ ईद के लिए ख़ुद को कुछ ऐसे सजाएँ ना सिर्फ़ धागों से बुना हो नया लिबास, ना इसमें दिखावे का हो कोई एहसास, शफ़क़्क़त से तैयार हुआ ऐसा जोड़ा जो दे नरमी का इक अंदाज़-ए-ख़ास अपनेपन का इत्र कुछ यूँ लगाएँ, मोहब्बत की महक से ख़ुद को महकाएँ, तक़सीम करें इसे दिल खोल कर यूँ, ख़ुशनुमा हो जाएँ ज़माने की सारी फ़िज़ाएँ” ZakiashkimPoems On LifeUrdu PoetryFestivalMohammed Zaki AnsariEid CelebrationEid QuotesEid MubarakmEid Poem Book:"Zaki's Gift Of Love" Source: "Zaki's Gift Of Love"