“कुछ बिखरी सी पंक्तियाँ है मेरी | कुछ अनकहे जज़्बात है मेरे | कुछ बिखरी सी पंक्तियाँ है मेरी | कुछ अनकहे जज़्बात है मेरे | सोचता हूँ की, संभालु उन्हें या अधूरा ही छोड़ दूँ” FeelingsHindi QuotesHindi PoetryDilemma Of PoetryWriter S Dilemma Author:Kuldeep Gera