“ऐसे वक्त ही इवा कार्णिक की आस्था झूठ बोलने में और पुख्ता हो जाती और उसकी यह मान्यता एक बार फिर सही साबित होती कि झूठ और सच केवल बातें होती हैं और ये कि बोलने वाले की काबिलियत और सुनने वाले की परख किसी बात को सच या झूठ का जामा पहनाते हैं। (कहानी: 'ऐसा ही कुछ भी')” TruthLies Book:Jinki Mutthiyon Mein Surakh Tha Source: Jinki Mutthiyon Mein Surakh Tha
“वह लड़का एक सादा पाठ था। उसमें बूंद भर भी चटक अक्षर नहीं थे। दबे और पुराने किस्म के वर्ण थे वहाँ। 'उखड़ चुके और ताजा उगे' के बीच की छपाई थी उधर। वह ऐसा सरल भी न था कि तुकबंदी की शक्ल में उसे याद किया जा सके। कठिन तो बिल्कुल भी नहीं कि किसी मायने पर आकर ठिठका जाए। उसे उलट कर पढ़ें या कि सुलट कर, अक्षरों का हिसाब एक बराबर ठीक ही बैठता था। उस पर मोड़ थे पर निशान ऐसे नहीं कि कोई अपनी हथेली की किसी रेखा का जुड़वा मान बैठे उन लकीरों को। वह तरख भी हो सकता था पर ऐसा नहीं कि उस पर कोई स्मृति छोड़ देने को किसी का मन ही ललक जाए। कभी-कभी वह नष्ट हुआ सा भी दिखता था। कभी इतना तुरंत जन्मा सा कि उसे डर लगता था कि कहीं कच्ची स्याही ही न लेपा जाए उससे।” ArtLiterature Quotes Book:KHELA Source: KHELA
“वह कैलेण्डर के बदलते पृष्ठों के बीच आखिरी दिन वाला पन्ना थी, संसार में जिसे फाड़े जाने का रिवाज नहीं था।” NovelHindi Quotes Book:KHELA Source: KHELA
“तुम अच्छी हो।' 'तुम अच्छे नहीं हो।' 'तुम फिर भी अच्छी हो।' 'तुम फिर भी अच्छे नहीं हो।' 'इससे क्या हुआ? तुम अच्छी हो।' उसने कहा। 'इससे बहुत कुछ हुआ। तुम भी अच्छे हो।' मैंने कहा।” Love QuotesHindi Quotes Book:परिन्दे का इन्तज़ार-सा कुछ / Parinde Ke Intzaar-Sa Kuchh Source: परिन्दे का इन्तज़ार-सा कुछ / Parinde Ke Intzaar-Sa Kuchh
“एक खूबसूरत अहसास था। एक दोस्त। जिंदगी में पहला मर्द दोस्त। मर्द कहने में परेशानी लगती थी। लेकिन हकीकत यही थी। वह मर्द था लेकिन फिर भी अपने हाथों दोस्त बना लिया गया था। उसका होना मुझे सहेजने लगा था। उसके होते यह ख्वाहिश होती थी कि उससे उलझा जाए। उसके न होने पर अफसोस भी होता झगड़े का, हँसी भी आती और फिर से झगड़ने का बहाना भी वहीं से हाथ आता। उसके होने पर मैं उसकी हर बात को काटती और उसके न होने पर हर बात को जोड़ती। उसके होने पर मैं उसके पहले न होने की वजह पूछती और उसके न होने पर, उसके तब होने को परखती। उसके होने पर मैं बच्ची बन जाती और उसके न होने पर उसकी माँ बन जाती।” Friendship Book:Parinde Ka Intazar Sa Kuchh Source: Parinde Ka Intazar Sa Kuchh