“देवी, पुष्पेंद्र इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि बुद्धिमत्ता जब प्रेम, करुणा और परोपकार की नींव से कट जाती है, तो वह केवल विनाशकारी हो जाती है। ज्ञान यदि हृदय की संवेदनाओं से न जुड़ा हो, तो वह केवल एक धारदार शस्त्र है जो चलाने वाले को भी नहीं छोड़ता। भावनाविहीन मनुष्य उस हिंसक पशु के समान है जिसके पास विवेक तो है, पर विवेक का उपयोग केवल संहार के लिए है।” PhilosophyWisdomCompassionDarknessHuman NatureMoralityEthicsIntelligenceEmotional IntelligencePsychological Drama Book:त्रिकूट: धर्म का चक्रव्यूह Source: त्रिकूट: धर्म का चक्रव्यूह
“सच्ची सहिष्णुता की पराकाष्ठा कोमलता के हृदय में ही जन्म लेती है; कठोरता तो समय की पहली चोट में ही चटक जाती है। उन” WisdomLife LessonsCompassionStrengthHuman NatureResilienceTolerancePhilosophy Of LifeInner StrengthEmotional Depth Book:त्रिकूट: धर्म का चक्रव्यूह Source: त्रिकूट: धर्म का चक्रव्यूह