“न होना तेरा कभी सबब नहीं था मेरी उदासी का आज क्यूँ फिर खल रहा है तेरा यूँ वक़्त से पहले गुज़र जाना ? वो आया और आकर चला गया तोड़ गया सब्र के मेरे सारे बाँध हाँ, वही था वह ! वही चिर-परिचित साया तेरा !” Death Of A Loved One Book:Ek Anuja Source: Ek Anuja