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कितने मोर्चे

Book by Vandana Yadav · 3 quotes · Life, Military, Army

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कितने मोर्चे Quotes

“फौजियों के नाम और उनकी गौरव-गाथाएं उनकी युनिट में अक्सर दोहराई जाती हैं। कभी-कभी देश भी शायद उन्हें याद कर लेता होगा पर शहीद की पत्नी का कर्ज़ ये देश कैसे चुकाएगा? देश के लिए जान देने वाले सिपाहियों के बच्चों का जवाबदेह कौन है जो बिना बाप की छत्रछाया के बड़े होते हैं।' कुसुम अपनी ही धुन में बोले जा रही थी।”

“समूचा देश बैठा है। कुछ यहाँ, कुछ टेलीविजन के सामने। नागरिक, राजनेता और बड़े अधिकारी तक, सब बैठे हैं वो औरत जो शहीद की पत्नी है, वही अकेली खड़ी है। अगर खड़ा होना सम्मान की बात है तो कम-से-कम कुछ मिनिट के लिए तो शहादत के सम्मान में सबको खड़ा हो जाना चाहिए।' कुसुम ने कहा। 'ये सम्मान पाने की सजा है या सजा की शुरूआत आज यहाँ से हो रही है।' लाउडस्पीकर की आवाज़ में उसके शब्द दब गए।”