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कितने मोर्चे

Book by Vandana Yadav · 12 quotes · Life, Military, Army

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कितने मोर्चे Quotes

“इम्तेहान इंसान का हौसला जांचने आते हैं । वे तराशते हैं, जिंदगी का सलीका सिखाते हैं और दोबारा लौटने का भरोसा दे कर आगे बढ़ जाते हैं ।”

“भय की कोई निश्चित परिभाषा नहीं है । वह अनदेखा है और कल्पना से परे की चीज़ है । उसके परिणाम भयंकर होने का अंदेशा है, बस इसीलिए वह डरावना है ।”

“इन्सानी फितरत है कि अनहोनी सबसे पहले कल्पना लोक से उतर कर हमारे दिमाग पर कब्जा कर लेती है और बहुत जल्दी हम उन ड़रावने विचारों को सच मान लेते हैं ।”

“दीवार पर लगा दरवाज़े का पहरा, वक्त के दो फाड़ कर देता है । घर के भीतर की दुनिया और दहलीज़ों के बाहर का समाज, एक ही वक्त में अलग-अलग युग जी रहे होते हैं ।”

“जवानी और बचपन के बीच की उम्र अंगारों पर चलने जैसी होती है। बचपने भाग कर बच्चे, बड़े हो जाना चाहते हैं मगर युवा अपने अधिकार क्षेत्र में उनका स्वागत नहीं करते।”

“हमारी जीवन शैली, आज तक अंग्रेजों से प्रभावित हैं । अंग्रेजों ने सूर्योदय के देश को सूर्यास्त का उत्सव मनाने वाले देश में तब्दील कर दिया ।”

“फौजियों के नाम और उनकी गौरव-गाथाएं उनकी युनिट में अक्सर दोहराई जाती हैं। कभी-कभी देश भी शायद उन्हें याद कर लेता होगा पर शहीद की पत्नी का कर्ज़ ये देश कैसे चुकाएगा? देश के लिए जान देने वाले सिपाहियों के बच्चों का जवाबदेह कौन है जो बिना बाप की छत्रछाया के बड़े होते हैं।' कुसुम अपनी ही धुन में बोले जा रही थी।”

“समूचा देश बैठा है। कुछ यहाँ, कुछ टेलीविजन के सामने। नागरिक, राजनेता और बड़े अधिकारी तक, सब बैठे हैं वो औरत जो शहीद की पत्नी है, वही अकेली खड़ी है। अगर खड़ा होना सम्मान की बात है तो कम-से-कम कुछ मिनिट के लिए तो शहादत के सम्मान में सबको खड़ा हो जाना चाहिए।' कुसुम ने कहा। 'ये सम्मान पाने की सजा है या सजा की शुरूआत आज यहाँ से हो रही है।' लाउडस्पीकर की आवाज़ में उसके शब्द दब गए।”

“सेपरेशन की वजह से हमारी लाइफ अलग-सी हो गई है।' मिसेज गुरुंग भी बातों का हिस्सा बन गई। 'हाँ, इस वजह से कई तलाक बच गए और कई हो गए। ' सुधा ने अपने अंदाज़ में कहा।”