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Quote by Adam Dacey

Work

Guide to the Mindful Way of Life

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Author

Adam Dacey

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“When we are practising mindful meditation, we need to be aware of our mind when it gets overexcited due to distractions, and when it becomes dull and starts to fall asleep. Excitement and mental dullness take our attention away from the present moment and have a significant part to play in the stress and anxiety that arises in our life.”

“जहाँ तक ज्ञान का बात है तो एक बात जान लीजिए, इ बिहार है! यहाँ किसी को ज्ञान हो जाएगा। आपको क्या लगता है बुद्ध को यहीं आकर ज्ञान क्यों मिला? आये इधर कुछ दिन के लिए… राजा आदमी थे… इधर आके लूट-पिट गए होंगे। कुछ दिन भूख से पटपटाये… हो गया ज्ञान! कथाओं में जो भी लिखे कोई, हुआ यही होगा।”

“यहाँ कभी कृष्ण आए थे, जरासंध का अखाड़ा देखे हम लोग, बुद्ध और महावीर भी। सब आकर चले गए। आ आज का जो मगध है आप देखिए रहे हैं। हिहें नालंदा भी था। क्या कीजिएगा। जब वो लोग इसे हमेशा के लिए स्वर्ग नहीं बना पाए तो हम लोग का उखाड़ लेंगे। जब नेतवन सब कहता है कि पाँच साल में बिहार को ये बना देंगे वो बना देंगे तो हम यही सोचते हैं।”

“ये पटना शहर गंगा जी जैसा है। सबका पाप धो लेता है। सबको समाहित कर लेता है अपने अंदर। कभी बरसात में पटना में गंगा किनारे जाइए। सब जलमग्न दीखता है - क्षितिज तक। घोर मटमैला। लगता है प्रलय आ गया। आ उसी में घोराए हुए पानी में बीच-बीच में बहता हुआ दीख जाता है- कभी छप्पर तो कभी कोई जीव। कहीं दूर दीख जाते हैं किसी बहते से टीले पर बैठे हुए कौवे। वो होती है किसी प्राणी की लाश। गंगा सब लिए जाती है। जो उसमें पड़ जाए। बिना शिकायत। वैसे ही है ये शहर। उसके बाद उसी से उपजाऊ भी तो बनता है ये पूरा बेल्ट। आप को नरक भी मिलेगा लेकिन सब एक साथ देखेंगे तो सर झुका कर प्रणाम कर लेंगे। जब शांत हो तब इधर डुबकी लगाइए।”

“थोड़ा जादे गंदगी है, का कीजिएगा कुकुर ही नहीं यहाँ आदमी भी खंभा देख के उसी का इस्तेमाल करते हैं। कभी आपके दिमाग में आया है कि ये खंभा भी कभी तो एकदम फरेस… चूना-पालिस मारके एकदम चकाचक रहा होगा। फिर अइसा कौन आदमी होगा जो पहली बार मुँह उठा के थूका होगा? माने अभी तो गंदा है तो लग रहा है कि जगहे है थूकने का। लेकिन जब चमक रहा होगा तब जो सर्र से थूक के लाल कर दिया होगा… उसको मज़ा आया होगा क्या? चमचमाती दीवार देख थूकने वाले का थूकने के लिए जी मचल जाता होगा या उसको थूक कर बुरा लगता होगा?”

“बीरेंदर ने अपनी दोस्त का परिचय कराया “मिलिए हमारी दोस्त मेंटल से। जानते हैं भैया क्या हुआ? हम भगवान से मांगे थे मानसिक शांति। आ उ हुआ का कि अङ्ग्रेज़ी-हिन्दी के चक्कर में थोड़ा गरबरा गया। हमारा उच्चारन भी तो वही है। तो भगवानजी हमको ‘मेंटल पीस’ का जगह एक ठो 'मेंटल पीस' दे दिये।”

“ऐ मौसम बैज्ञानिक के सार, गर्मी में गर्मी नहीं होगा त शीतलहरी चलेगा रे? आ जानते हैं भैया जो जेतना गर्मी-गर्मी चिल्ला रहा है ना, अगर कल को पटना में गलती से बर्फ पड़ गया… त इहे सब आदमिया आपको जीने नहीं देगा कि देखो कैसे मौसम का माँ-बहन हो गया है!”

“A 40-year-old Muslim woman, Roshan Khatun, was killed in Bihar, India, after being tied to a pole, beaten, and forced to drink urine mixed with alcohol at the residence of a village head. Roshan Khatun visited the residence of the village head on February 25 to settle a land dispute. According to witnesses, the village head’s husband and son assaulted her by throwing her to the ground and repeatedly beating and kicking her. Acting on the head’s orders, they then tied Khatun to a pole and continued to strike her. As she was observing a Ramadan fast and became thirsty, she pleaded for water but was instead forced to drink urine mixed with alcohol.”