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Rehan Katrawale Books

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“रात हो चली है और बारिश का साथ है, इस रात में मुझे इश्क़ की कोई सज़ा दे दो। मुझे अपने करीब ले आकर बाहों में भर लो, और मुझे नींद ना आने की कोई वजह दे दो॥”

“एक दिन ऐसा भी आएगा जब तुम्हारे पास मैं नहीं सिर्फ मेरी यादें होंगी, ये बादल भी रोएँगे उस दिन दिन जब तुम्हारे करीब मैं नहीं सिर्फ मेरी बातें होंगी। तुम्हें वो हमारी पहली मुलाक़ात याद आएगी, जिस बारिश में भीगे थे एक साथ वो रात याद आएगी। याद करोगे वो बातें जो हमने आँखों ही आँखों में की थी, कितनी हसीन थी वो चंद लम्हों की ज़िंदगी जो हमने एक दूसरे में जी थी।।”

“मेरी हर बात पर तुम्हारा शरमाना लाज़मी होता था, तुम्हारी हर अदा पर मेरा मुसकुराना लाज़मी होता था। जानते तो थे के मोहब्बत दोनों को है मगर, बातों ही बातों में प्यार जताना लाज़मी होता था॥”

“ना जाओ छोड़ कर के रात अभी बाकी है, तुमसे कहनी है जो वो हर बात अभी बाकी है। ये ख्वाब है हमारा तो ख्वाब ही सही, आधा-अधूरा मिलन हुआ है पूरी मुलाक़ात अभी बाकी है॥”