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आई डोन्ट लाइक यू

Book by Vandana Yadav · 13 quotes · Life, Life Lesson, Life Philosophy

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आई डोन्ट लाइक यू Quotes

“ऐसा क्यों है कि अंधेरे में सुबह चार बजे मम्मी के साथ मैं, कुएं के ठंडे पानी से नहाने जाती हूँ। कार्तिक का महीना बहुत ठंड लिए रहता है। ऐसे में सारी तपस्या सिर्फ महिलाएं क्यों कर रही हैं? पापा और पापा की तरह सब पुरूष रजाई में क्यों सो रहे हैं? क्या उन्होंने कोई पाप नहीं किए? जवाब में परंपराओं का हवाला दे दिया जाता था। मुझे फक्र होता है उस शीक्षा पर, सवाल पूछने के अधिकार के उपयोग पर जो हमें सहज उपलब्ध था।”

“जब इंसान के पास रिश्ते होते हैं, वह उनकी क़ीमत समझ नहीं पाता मगर जब वह समय बीत जाता है और रिश्ते दूर हो जाते हैं, तब इंसान को उसकी कद्र होने लगती है। यही उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी है।”

“घटनाक्रम मानसिकता पर निर्भर करता है। जब हम खुश हों तो क्यारियों में खिले फूल भी खुशी देते हैं। इसके उलट परेशानी के दौर में वही फूल मेहनत और संघर्ष के लंबे दौर का छोटा-सा परिणाम लगने लगते हैं।”

“तुम जितना मिट्टी से खेलेगी, उतनी ही मजबूत बनोगी। माटी तुम्हें अपने जैसा बना देगी। देखो, भोजन पकाने का तापमान धातु सहन कर सकती है मगर मजबूत से मजबूत धातु को पिघलने के लिए मिट्टी के बर्तन का प्रयोग किया जाता है। यानी हमेशा सरल बनी रहना मगर मजबूती सबसे अधिक रखना। ऐसा तभी होगा जब तुम माटी का स्वभाव समझने लगोगी।" पापा ने कहा था।”

“मासूमियत और बेफिक्री के दौर का नाम है बचपन। यही समय जीवन का सबसे समृद्ध समय भी है जब बच्चों का छल-कपट और चिंताओं से कोई वास्ता नहीं होता।”

“जो बाहर दिखाई देता है, उसका इलाज बाहरी तौर पर किया जाता है मगर जो भावनाओं की तह पर चल रहा होता है, उसके लिए भावनात्मक युद्ध लड़ने पड़ते हैं। अपने दर्द और खालीपन से खुद अकेले जूझना होता है तब कहीं जाकर तकलीफ से बाहर निकलने का रास्ता मिलता है।”

“मेरी उच्च शिक्षित और आत्मनिर्भर माँ जानती थी कि महिलाएं किसी भी पद पर पहुंच जाएं, घर-बार उन्हें खुद ही सम्हालना होगा इसीलिए माँ की ट्रेनिंग हर समय निर्बाध चलती रहती थी। हाँ, पापा के साथ खड़े होने के लिए मैं एक मजबूत कंधा बनने की कोशिश करती रहती थी।”

“जूआ खेलने का सदियों पुराना सामाजिक मान्यता प्राप्त नाम है खेती। इसमें किसान प्रकृति पर दांव लगाता है। सफल हुआ तो रोटी का प्रबंध हो गया, हार जाए तो अगली फसल पर फिर से दांव खेलता है।”