“भय की कोई निश्चित परिभाषा नहीं है । वह अनदेखा है और कल्पना से परे की चीज़ है । उसके परिणाम भयंकर होने का अंदेशा है, बस इसीलिए वह डरावना है ।” FearImaginationLogic Book:कितने मोर्चे Source: कितने मोर्चे
“इन्सानी फितरत है कि अनहोनी सबसे पहले कल्पना लोक से उतर कर हमारे दिमाग पर कब्जा कर लेती है और बहुत जल्दी हम उन ड़रावने विचारों को सच मान लेते हैं ।” LifeFearImaginationHuman Behavior Book:कितने मोर्चे Source: कितने मोर्चे
“डर एक हद तक ही डराता है। भय की सीमा-रेखा पार करने के बाद दबे-कुचले लोग, आंदोलनकारी बन जाते हैं।” LifeFearLife QuotesRevolutionFearlessRevolutionaryProtestFighting Spirit Book:शुद्धि Source: शुद्धि